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HOLI INFORMATION IN HINDI

Holi information in hindi |होली के बारे में जानकारी

Holi information in hindi| होली के बारे में जानकारी

यह तो आप सबको पता होगा कि होली कब है पता नही है तो में बताता हुँ कि होली 10 मार्च को है और होलिका दहन 9 मार्च को मनाया जायगा। HOLI INFORMATION IN HINDI ,रंगो ंका त्योहार क्यो मनाया जाता है, इसके पीछे का क्या कारण है। हम आपको होली 2020 के बारे में बतायेगे होली क्यो मनाते है, होली मनाने का कारण, होलिका का दहन क्यो करते है, होली मनाने की शुरूआत कहाँ से हई, होली मनाते समय किन किन बातो का ध्यान रखा जाए आदि बाते बतायेगे।HOLI INFORMATION IN HINDI

होली  क्यो मनातंे है:- Holi kyu manaate hain |Holi information in hindi

होली हर्ष उल्लास खुशी आपस में भाईचारे को बढाती है होली का त्योहार भाईचारे का बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम का प्यार बाटने का त्योहार है। होली के दिन यह माना जाता है कि यहा सभी व्यक्ति आपस मे भेद भाव, लडाई झगडा सब छोडकर सभी एक साथ होली मनाते है। होली को रंगो का त्योहार के रूप मे भी मनाया जाता है इसमे हम कई रंगो और सभी धर्म के लोग आपस मे मिलकर मनाते है। रंगो का त्योहार भारत में ही नही पूरे विश्व मे मनाया जाता है। भारत मे इसकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है। आप इस बात से अन्दाजा लगा सकते है कि पुरे भारत में होली के दिन जगह जगह रंग ही रंग हो जाता है।HOLI INFORMATION IN HINDI

होली मनाने का कारण:- Holi manane ke kaaran|

होली पुरे भारत मे बडी धूमधाम से मनाया जाता है। पर आपको यह पता है कि होली मनाने का कारण क्या है । होली मनाने के बहूत से कारण बताये जाते है उन में कुछ सबसे ज्यादा प्रचलित कारण है कि इस दिन होलिका को जलाया गया था और भगवान श्री कृष्णा इस दिन राधा और गोपियो के साथ होली खेलते थे।HOLI INFORMATION IN HINDI

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होली का इतिहास:-Holi ka itihas| Holi information in hindi|

यह बात तब की है जब प्रहलाद हिरण्यकश्यप के पुत्र थे और हिरण्यकश्यप ब्रह्मा जी तप्सया करने गया था तब नारद जी ने हिरण्यकश्यप की स्त्री को इंद्र से बचाया था और नारद जी ने हिरण्यकश्यन की पत्नी को अपने आश्रम लेकर गये थे। उस वक्त प्रहलाद पेट मे था और वक्त नारद जी ने भक्ति का उपदेश दिया था वैसे तो प्रहलाद अंनत जन्म का महापुरूष था, लेकिन लीला करने के लिए नारद जी ने उपदेश दिया था और वह भक्त हो गया और पैदा होते ही भक्ति करने लगा क्योकि वह पेट मे ही भक्ति भाव के गुण सिख के आया था। ये सब सतयुग की बाते है, उस वक्त मे लोगो की सम्रण क्षमता काफी अच्छी हुआ करती थी।HOLI INFORMATION IN HINDI

वह  हिरण्यकश्यप के भाई हिरण्याक्ष को भगवान ने मारा था इसलिए वह भगवान विष्णु का शत्रु बन गया था और उसका पुत्र भगवान विष्णु का भक्त था वह दिन रात भगवान की पुजा अर्चना करता रहता था इस बात से नाराज हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र भगवान की भक्ति करने से मना करता था पर वह नही माना और हिरण्यकश्यप अपने पुत्र को मारने की सोचा परन्तु वह असफल हुआ और हिरण्यकश्यप उसको मारने के लिए अलग अलग तरिके सोचता रहता था भक्त प्रहलाद उन तरिको से बचता रहा और वह परेशान हो गया। एक दिन हिरण्यकश्यप की बहन होलिका आई और अपने भाई को परेशान देखकर वह बोली कि क्या बात हुई भाई तो हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन को सारी बात बताई। फिर उसकी बहन ने बोला कि मेरे को वरदान है कि में अग्नि मे नही जल सकती तो तुम मुझे और प्रहलाद को अग्नि मे डाल दो मे उसे पकडकर बैठ जाउगी और वह हमेशा के लिए चला जाएगा। हिरण्यकश्यप ने ऐसा ही किया वह उसकी बहन और प्रहलाद को अग्नि मे बिठा दिया था और कुछ देर बाद होलिका की आवाज आई की बचाओ और वह होलिका वरदान भगवान की भक्ति के सामने कुछ काम नही आया और होलिका जल कर मर गयी थी ओर भक्त प्रहलाद को कुछ नही हुआ। तो हम इसलिए होली का दहन करते है इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी|HOLI INFORMATION IN HINDI

होली कब मनाई जाती है:-Holi kab manaai jaati h| Holi information in hindi|

होली का त्योहार वंसत ऋतु के समय फाल्गुन मास की पूणिमा के दिन मनाई जाती है। भारत से सभी लोग मिलजुल कर एक साथ होली मनाई जाती है। पुणिमा के दिन होली जलाई जाती है और इसके एक दिन बाद दुल्हडी मनाई जाती है। होली की रोनक बाजारो में वंसत पंचमी के बाद से दिखने लग जाती है और बाजारो मे कलर, पिचकारी, खिलौने होली के समान आदि से होली की तैयारी शुरु हो जाती है।HOLI INFORMATION IN HINDI

होली मनाने की शुरूआत कहाँ से हुईः- Holi manaane ki shuruaat khan se hui|

होली मनाने की शुरूआत भारत मंे हुई। भारत मंे बहुत सारे धर्म व ग्रथांे के अनुसार होली की शुरूआत हरदोई जिले से हुई है ऐसा इतिहासकार और धर्म शास्त्री बताते है। उतर प्रदेश के हरदोई  मे इससे जुडी हुई ऐतिहासिक जानकारिया एवँ निशानियाँ आज भी वहाँ पर मौजद है और वह स्थान भी जहाँ हिरण्यकश्यप की बहन होलिका का दहन हुआ था।HOLI INFORMATION IN HINDI

धुल्हडी क्या हैः- Dhulandi kya h|Holi information in hindi|

यह होली के अगले दिन मनाया जाता है और इस दिन रंगो व गुलाल एक दुसरे पर लगाकर होली मनाते है। इस दिन सभी लोग अपनी आपस की दुश्मनी भुलाकर सब एक साथ होली मनाते व खेलते है। दिन मंे रंगो से होली खेलते है और शाम तक मिठाई व ठण्डाई  का आनन्द लेते हैै। होली के दिन हमे प्राकतिक चीजांे से बने रंगो का उपयोग करना चाहिए। हमंे केमिकल से बने रंगो का उपयोग नही करना चाहिए ।HOLI INFORMATION IN HINDI

होली खेलने का तरिका:- Holi khelne ka tarika|Holi information in hindi|

होली खेलने के लिए रंगो का उपयोग करते है। रंगो और गुलाल को एक दुसरे पर लगाकर होली मनाते है। हमे होली खेलने के लिए केमिकल रंगो का उपयोग नही करना चाहिए । प्राकतिक चीजो से बने रंगो का उपयोग करना चाहिए। बाजारो मंे ज्यादातर केमिकल से बने रंग बिकते है इसलिए देखकर रंग ले। केमिकल रंगो से अपनी त्वचा खराब हो सकती है। त्वचा को बचाने के लिए प्राकृतिक चीजो या गुलाल से होली खेले। पानी से भी होली खेली जाती है। पानी मे केमिकल रंगो को मिलाकर एक दुसरे पर फेका जाता है। और यह केमिकल रंग आसानी से शरीर से नही छुटता है इसलिए होली खेलते समय सावधानी रखे और आनन्द से होली खेले।HOLI INFORMATION IN HINDI

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होली मनाते समय निम्न बातो का ध्यान रखना चाहिए:-Holi information in hindi

होली के दिन प्राकृतिक रंगो का उपयोग करना चाहिए

होली खेलते समय कोई भी तेल अपने शरीर पर, त्वचा, बाल, चहरे पर लगा ले ताकि रंग उतरते वक्त आसानी से उतरे जाये।

केमिकल व सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल बिल्कुल नही करे।

होली के दिन रंगो को अपनी आँँख, नाक, मुँह, व कान मे रंग जाने से बचाये।

होली अपने परिचित के साथ ही मनाये अजनबियों से दूर रहे।

रंगो को दुसरे व्यक्ति पर जबरदस्ती न डाले न ही जानवरो पर रंग डाले जिस तरह रंग हमारे लिए खतरनाक है उसी तरह जानवर के लिए भी रंग खतरनाक है।HOLI INFORMATION IN HINDI

हौली कब है |Holi kab hai|

होली 10 मार्च को है और होलिका दहन 9 को है|

Holi wishes in hindi – होली के शायरी और स्टेटस:-

हम आपके लिए कुछ श्यारी और स्टेटस लाये है

सभी रंगों का रास है होली

मन का उल्लास है होली

जीवन में खुशियाँ भर देती है

बस इसीलिए ख़ास है होली।

 

देते हैं आपको हम दिल से ये दुआयें

होली के रंग आपके जीवन में भर जाएँ

आपके सभी सपने चुटकी में पूरे हों

आप के जीवन दुःख कभी न आयें।

रंगों के त्यौहार होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

 

तेरे अंग अंग में रंग लगा दें

आजा गोरी होली मना ले

फिर होली जल्दी न आएगी

बाद में फिर तू पछताएगी।

 

नाईट शूट तू पहन के आजा

घर वालों को बोल के आजा

इस होली पे करले मस्ती

होली खेल रही है बस्ती।

 

ऐ खुदा आज कुछ तो रहम करदे

मेरे दोस्त आज नहीं रह पाएंगे

लगवा दे इन्हें किसी लड़की के हाथो रंग

कमीने पूरे साल नहीं नहायेंगे।

 

गुल ने गुलशन से गुलफाम भेजा है

सितारों से आसमान से सलाम भेजा है

मुबारक हो आपको ये रंगों का त्यौहार

हमने ये दिल से पैगाम भेजा है।

होली की हार्दिक शुभकामनाएं.

 

खा के गुजिया पीके भंग

लगा के थोड़ा थोड़ा सा रंग

बजा के ढोलक और मृदंग

खेले होली हम तेरे संग

 

लाल  ताकत

हरा  समृद्धि

नारंगी  जोश

गुलाबी  प्यार

नीला  वफादारी

सुनहरा  अमीरी

आपको एक रंगीन और जोशीली होली मुबारक!

 

रंगों के त्यौहार में सभी रंगों की हो भरमार

ढेर सारी खुशियों से भरा हो आपका संसार

यही दुआ है भगवान से हमारी हर बार

होली मुबारक हो मेरे यार

 

दिलो के मिलने का मौसम है

दूरियां मिटाने का मौसम है

होली का त्यौहार ही ऐसा है

रंगो में डूब जाने का मौसम है

 

निकलो गलियों में बना कर टोली

भिगा दो आज हर एक की झोली

कोई मुस्कुरा दे तो उसे गले लगा लो

वरना निकल लो लगा के रंग कह के हैप्पी होली

 

राधा के रंग और कृष्णा की पिचकारी

प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी

ये रंग ना जाने कोई मजहब ना कोई बोली

मुबारक हो आपको खुशियों भरी होली

 

पूर्णिमा का चाँद रंगो की डोली

चाँद से उसकी चांदनी बोली

खुशियों से भरे आपकी झोली

मुबारक हो आपको रंग.बिरंगी होली

 

इश्क की होलिया खेलनी छोड़ दी है हमने

वरना हर चेहरे पे रंग सिर्फ हमारा होता

 

सुना हैं होली आ रही हैंए गोपियों हमसे जरा संभल के रहनाए

क्युकी हम गालों पे रंग लगाकर दिल का रंग चुरा लेते हैं द्य

 

होली में वो लड़किया भी अपने अंदर की होलिका जलालेए

जो दशहरा में

लड़को से अपने अंदर का रावण जलाने को कह रही थी !!

 

श्दूरियाँ दिल की मिटें हर कहीं अनुराग हो।

न द्वेष होए न राग हो ऐसा यहाँ पर फाग हो।।

 

जमाने के लिए आज होली है

मुझे तो तेरी यादे रोज रंग देती है३!!

 

पिचकारी की धार गुलाल की बौछार

अपनों का प्यार यही है यारों होली का त्यौहार

 

प्यार के रंगों से भरो पिचकारीस्नेह के रंगों से रंग दो दुनिया सारी

ये रंग न जाने न कोई जात न बोली सबको हो मुबारक ये हैप्पी होली!

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